दुनिया के सबसे रईस लोगों में शुमार और माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन बिल गेट्स ने भी माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर खाता खोल लिया है। गेट्स का ट्विटर पर आना इसलिए महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट लगातार ट्विटर को खरीदने की कोशिश कर रहा है। लेकिन, गेट्स का इस सोशल नेटवर्किंग साइट पर आगमन इस मायने में ज्यादा महत्वपूर्ण परिघटना साबित हुआ कि उनके ट्विटर पर आने के ऐलान के साथ ही लाखों फॉलोअर्स जुड़ गए। महज दस दिन के भीतर बिल गेट्स के चार लाख के करीब फॉलोअर हो चुके हैं। गेट्स फॉलोअर्स से सीधे संवाद की अहमियत समझते हुए अपने सामाजिक कामों से जुड़े ट्वीट कर रहे हैं, और अपने फाउंडेशन के लिए धन जुटाने से लेकर लोगों में जागरुरता फैलाने का काम कर रहे हैं।
बिल गेट्स एक सेलेब्रिटी हैं,लिहाजा उनके लाखों फॉलोअर्स होने की बात हैरान नहीं करती। हैरान करती है आम लोगों के लाखों फॉलोअर्स होने की बात। मसलन-दिल्ली के लेखक,वक्ता और मार्केटिंग कंसलटेंट प्रमित जे नाथन के फॉलोअर्स की संख्या करीब एक लाख हो चुकी है। अगर विदेश राज्य मंत्री शशि थरुर को छोड़ दें तो नाथन संभवत: सोशल मीडिया पर दिल्ली के सबसे लोकप्रिय पर्सनेलिटी हैं। कम से कम उनके फॉलोअर्स की संख्या से तो यही लगता है। ट्विटर पर प्रमीत जैसे कई लोग हैं,जो धीरे धीरे इस दुनिया में अपना नया मुकाम बना रहे हैं। दुनिया के सभी मुल्कों में सोशल मीडिया के जानकार इस बात को समझ रहे हैं कि ट्विटर नेटवर्किंग का बेहतरीन हथियार है।
हाल में अमेरिका में एक कंपनी ने अपने यहां नौकरी का विज्ञापन दिया तो वो महज 195 शब्दों का था। इतने छोटे विज्ञापन में कंपनी की तरफ से लिखा गया-“हमें दो ई-मेल कीजिए। पहले मेल में अपने अनुभव का जिक्र कीजिए। दूसरे में बताइए कि आप इस जॉब के लिए क्यों योग्य हैं। आपके ट्विटर पर कितने फॉलोअर्स हैं। आप किस शख्स के ट्वीट फॉलो करना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। ट्विटर पर ज्यादा फॉलोअर्स बनाने के क्या तरीके हैं। और आप कितना वेतन चाहते हैं।”
इस विज्ञापन से भी समझ आता है कि ट्विटर पर फॉलोअर्स की संख्या का महत्व कितना बढ़ रहा है। हालांकि,ये विज्ञापन अमेरिकी कंपनी का था,जहां दुनिया के सबसे अधिक ट्विटर उपयोक्ता हैं,लेकिन भारत अब ट्विटर उपयोक्ताओं के मामले में दूसरा देश बन चुका है। यानी, ज्यादा फॉलोअर्स की बात यहां भी जल्द अहम होगी। ट्विटर उपयोक्ताओं को इस मामले में गंभीरता से सोचना चाहिए। आखिर,इस प्लेटफॉर्म पर संवाद का फायदा तभी है, जब ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आपकी बात पहुंचे।
-पीयूष पांडे